कोहरे में ढका चाँद
रात के अँधेरे में
चुपके से बादलों के बीच
दिखता था मेरे प्यार का चाँद
पर ये क्या,अब नहीं दिखता मेरा चाँद
शायद नज़रे धुंधली हो गयी
नहीं-नहीं,नज़रे नहीं ये तो कोहरा है असत्य का,अविश्वाश का ।
ही सांसे, यू भी कह सकते है। इन धड़कनो और इन साँसों का रिश्ता उस प्यार से है जो सही मायनो में हमे
जीना सिखाता है और दिलों कि भाषा खूब समझता है।
लवों से चूम लो मुझे
हाथों से थाम लो तुम
जिन आँखों में बसाया है मुझे
उसी तरह दिल में पनाह दो मुझे
लवों की मुस्कराहट और चहरे की चमक, अपने उस प्यारे से साथी को देखकर अपने आप ही वापस आ जाती है
जो उसके दूर जाने से चली गयी थी। दूरियां हमेशा सच्चे रिश्तों कि पहचान कराता है हम किसी से दूर होकर ही जानते है कि
हम किसी को कितना प्यार करते है या फिर कोई हमारे लिए क्या अहमियत रखता है ?
हम किसी को कितना प्यार करते है या फिर कोई हमारे लिए क्या अहमियत रखता है ?
लवों से चूम लो मुझे
हाथों से थाम लो तुम
जिन आँखों में बसाया है मुझे
उसी तरह दिल में पनाह दो मुझे
यह बिल्कुल उसी तरह है जैसे सूरज के जाते ही फूल मुरझा, उदास हो जाते है। वो अपने उस प्यार को याद
करते है। उश्के बारे में सोचते है और फिर जब वापस सूरज भोर की किरण के साथ निकलता है। तो सभी फूल
खुश हो जाते है वो चमक उठते है। खिलखिला कर हंश कर अपनी ख़ुशी का इजहार करते है। उस समय की
उनकी फीलिंग को वही समझ सकता है। जो इन परिस्थितियों से रोज गुजरता हो या गुजर चुका हो वक़्त
हमेशा एक जैसा नहीं होता यह बात सदियों से स्वयं ही साबित होती चली आ रही है लेकिन प्यार दिलों में
हमेशा ज़िंदा रहता है। बस जरुरत होती है कि हम इस प्यार के रिश्ते के विश्वास और सत्यता के पानी से
हमेशा सींचते रहे, प्यार में एक झूठ प्यार को संदेह के घेरे में खड़ा कर देता है जिस प्यार में विश्वास, सत्यता
और भावुकता का मिलाप है वहाँ कभी संदेह जगह ले सकता है।
संसार में मिलना- बिछड़ना, टूटना - जुड़ना ये तो लगा रहता है। इसी मिलने बिछड़ने और टूटने- जुड़ने के बीच
कुछ लोग कभी न बिछड़ने कभी न टूटने वाले रिश्ते को जनम देते है। जिनकी ज़िन्दगी में ऐसे शब्द होते तो है
लेकिन शब्दों को असमर्थ करने की पूरी सख्ती ब्भी वो अपने साथ लेकर चलते है। ऐसे लोग हमेशा दिलों की
फीलिंग समझते है। उन्हें बेसुमार प्यार करते है ऐसे लोगों के लिए यश और धन मायने नहीं रखते है बल्कि
उसका प्यार उसकी खुश्बू को महसूस करते हुए जीवन भर उसका ही बन कर रहना चाहते है। हमारी दुनिया
यहाँ प्यार को लेकर बड़े - बड़े वादे, वचन और भाषण दिए जाते है लेकिन इसे निभाने के नाम पर अपनाने के
नाम पर सब सभ्यता, स्टेटस और केटेगरी कि बातें करके अपना पल्ला छाड़ लेना चाहते है। सच तो यही है कि
सब सिर्फ बातें करना जानते है निभाना कोई नहीं जानता ?
आज भी कुछ लोग ऐसे है। जो दिलों से किये वादे दिलों कि धड़कन थमने तक निभाते है। ऐसे प्रेमी ऐसे लोग
साथी परिवार से हरपल सिर्फ यही कहते है रहना है तेरे दिल में.………………
यकीनन कुछ लोग, कुछ प्रेमी, दिलों में रहते -रहते लैला मजनू, हीर -राँझा आदि कि तरह अपने जलवे अपने जानने वालों के मन में बिखेर कर चले जाते है। ऐसे लोगों को अपना प्यार जल्दी नहीं मिलता और जब मिलता है तो दुनिया से, समाज से, अपने प्यार से कहने से नहीं चूकते कि रहना है तेरे दिल में......
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