मौसम मधुर बना जाती है,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी,
मिलने अगन लगा जाती है,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी,
तन्हाई में, रुशवाई में,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी,
हसना मुझे सिखा जाती है,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी,
जीवन के कोरे पन्नो पर,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी,
मधुर-मधुर मुश्कान तुम्हारी।

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